काल ज्ञानः अष्टक वर्ग-4
- Rajeev Sharma
- Apr 18, 2020
- 6 min read
Updated: Dec 13, 2025
अष्टक वर्ग में शुभ रेखाओं का फल
सदगुरुदेव ने प्रत्येक ग्रह के अष्टक वर्ग में प्राप्त होने वाली शुभ रेखाओं का विवेचन निम्न प्रकार से किया है ।
सूर्याष्टक वर्ग
एक या एक से अधिक रेखाओं से संपन्न (अपने अष्टक वर्ग में) सूर्य निम्न फल देता है -
एक रेखाः यदि सूर्याष्टक वर्ग में सूर्य को केवल एक ही शुभ रेखा मिली हो तो यह कई प्रकार की बीमारियां देता है, प्रत्येक कार्य में बाधा, अड़चन एवं विलंब प्रदान करता है तथा, सूर्य की वजह से वह जातक व्यर्थ ही इधर - उधर भटकता रहता है ।
दो रेखायेंः दो रेखा युक्त सूर्य हो तो अपने परिवार में मतभेद बने रहते हैं । वह अनुकूल कार्य करे, फिर भी लोग उस पर शक करते हैं । राज्य सेवा में बाधायें एवं कठिनाइयां आती हैं, तथा आर्थिक दृष्टि से कमजोर रहता है ।
तीन रेखायेंः मानसिक परेशानियां रहती हैं तथा शारीरिक स्वस्थता बनी रहती है । प्रत्येक कार्य के प्रारंभ में कठिनाइयां एवं बाधायें आती हैं ।
चार रेखायेंः चार रेखा से युक्त सूर्य का फल मिश्र होता है, उसके जीवन में उतार-चढ़ाव बने रहते हैं । बार-बार खुशी एवं गम के अवसर बनते रहते हैं । एक बार लाभ हो जाता है, तो अगली ही बार हानि का अवसर उपस्थित हो जाता है ।
पांच रेखायेंः जातक को अनायास ही सहयोग मिलने लग जाता है । शिक्षा पूर्ण होती है, संतान सुख पूर्ण होता है पर संतान संख्या कम ही होती है । अधिकतर एक या दो संतान होती हैं ।
छह रेखायेंः जिस जातक के सूर्याष्टक वर्ग में सूर्य के पास 6 शुभ रेखायें हो, उस जातक का स्वास्थ्य उत्तम होता है तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व होने के कारण वह सहज ही लोगों का आकर्षण पात्र बन जाता है । वाहन सुख पूर्ण होता है । तथा प्रसिद्धि एवं ख्याति के मामले में सौभाग्यशाली सिद्ध होता है ।
सात रेखायेंः अत्यंत उच्च प्रभावशाली एवं भाग्यवान होता है तथा, आशातीत सम्मान, प्रतिष्ठा एवं आदर प्राप्त होता है ।
आठ रेखायेंः श्रेष्ठ राजनीति सम्मान तथा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होता है एवं, जीवन में समस्त सुखों का उपभोग करता है ।
किसी भी अष्टक वर्ग में एक ग्रह कम-से-कम शून्य या एक रेखा तथा ज्यादा-से-ज्यादा आठ शुभ रेखायें ही प्राप्त कर सकता है । इसलिए सदगुरुदेव ने एक से आठ रेखा प्राप्ति तक का ही विवेचन किया है ।
सदगुरुदेव ने सूर्य से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट किये हैं -



